24 साल बाद पूर्व ISRO वैज्ञानिक हुए बरी, सुप्रीम कोर्ट ने 50 लाख रुपए का दिया मुआवजा

Khushboo
Last Updated: Sep 14 2018 14:55

सुप्रीम कोर्ट ने केरल पुलिस द्वारा अनावश्यक रूप से गिरफ्तार करने और उत्पीड़न करने के लिए पूर्व इसरो(ISRO) वैज्ञानिक नंबी नारायणन को शुक्रवार को 50 लाख रुपए मुआवजे के तौर पर दिए। आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस डीके जैन के नेतृत्व में एक कमेटी का गठन किया था जो नंबी नारायणन द्वारा की गई शिकायत की जांच कर रही थी। बता दें कि नारायणन ने कुछ पुलिस अफसरों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी, कि वह लोग उन्हें बेवजह किसी मामले में फंसा रहे थे। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया दीपक मिश्रा के साथ जस्टिस एएम खानविल्कर और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने जुलाई में ही इस आदेश को सुरक्षित कर लिया था। यह तब हुआ था जब सीबीआई इस मामले में अदालत की जांच के लिए तैयार हो गई थी।

जानकारी के अनुसार इसरो(ISRO) के वैज्ञानिक नंबी नारायणन को 30 नवंबर 1994 को जासूसी के आरोपों के चलते गिरफ्तार किया गया था। बाद में दोष साबित न होने पर सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया। वहीं नारायणन केरल हाई कोर्ट के फैसले के विरुद्ध एपेक्स कोर्ट पहुंचे थे। उन्होंने शिकायत दर्ज करवाई थी कि पूर्व डीजीपी सीबी मैथ्यूस और पूर्व एसपी केके जोसुआ और एस विजयन ऐसे ऑफिसर थे जो इस मामले से जुड़े हुए थे और बेवजह उन्हें फंसा रहे थे। नारायणन ने कहा कि इन सभी ऑफिसरों के खिलाफ जांच के दौरान कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। हालांकि सभी लोग फिलहाल रिटायर हो चुके हैं लेकिन नारायणन चाहते हैं कि इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।