द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान मारे गए पायलट के अवशेष को सैन्य सम्मान से दफ़नाया

Riya Bawa
Last Updated: Aug 11 2018 13:32

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान मारे गए एक पायलट के अवशेष को आख़िरकार 73 वर्षों बाद उनके गृह राज्य नेब्रास्का में सैन्य सम्मान के साथ दफ़नाया गया है। फ्लाइट ऑफीसर रिचर्ड लेन वर्ष 1944 में युद्ध के दौरान मारे गए थे। उनके परिवार का मानना था कि उनका शव दक्षिण पूर्वी नेब्रास्का के फिली में दफ़न है और वे ‘मेमोरियल डे’ पर वहां जाते थे ,लेकिन हाल ही में पता चला कि लेन के नाम से दफ़न अवशेष उनके नहीं है। 

जानकारी के मुताबिक पता चला है कि सेना की ओर से ग़लत अवशेष नेब्रास्का भेज दिए गए थे,असल में लेन के शव को बेल्जियम स्थित सैन्य कब्रिस्तान में दफ़नाया गया था। इडाहो में एक परिवार को दोनों सैनिकों के शवों के बदल जाने का पता चलने के बाद लेन के परिवार को इस घटना की जानकारी मिली। लेन के परिवार ने गुरुवार को दोबारा अंतिम संस्कार करते हुए अवशेषों को बियैट्रिस में दफ़नाया। 

आपको बता दें कि इस युद्ध में विभिन्न राष्ट्रों के लगभग 10 करोड़ सैनिकों ने हिस्सा लिया, तथा यह मानव इतिहास का सबसे ज़्यादा घातक युद्ध साबित हुआ।  इस महायुद्ध में 5 से 7 करोड़ व्यक्तियों की जानें गईं क्योंकि इसके महत्वपूर्ण घटनाक्रम में असैनिक नागरिकों का नरसंहार- जिसमें होलोकॉस्ट भी शामिल है, तथा परमाणु हथियारों का एकमात्र इस्तेमाल शामिल है (जिसकी वजह से युद्ध के अंत मे मित्र राष्ट्रों की जीत हुई). इसी कारण यह मानव इतिहास का सबसे भयंकर युद्ध था।