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पुरुषों पर बढ़ते अत्याचारों को रोकने के लिए आगे आई 'इंसाफ़ अवेयरनेस मूवमेंट संस्था'

Last Updated: Jul 09 2018 15:45

अक्सर सुनने में आता है कि महिलाओं पर अत्याचार हुए या उनके साथ हिंसा हुई। लेकिन कहा जाता हैं कि हर चीज़ के दो पहलू  होते हैं अच्छा और  बुरा।अगर दूसरे पहलू की बात की जाए तो महिलाओं की बजाय आजकल पुरुषों पर भी अत्याचार हो रहें हैं और किसी न किसी कारण आत्म हत्याएं  कर रहे हैं। आजकल कुछ पुरुषों को झूठे आरोपों में फंसा लिया जाता है और उन पर भी अत्याचार किये जाते है। इन अत्याचारों को ख़त्म करने के लिए एक ऐसी ही संस्था आगे आई हैं जिसका नाम है  "इंसाफ़ अवेयरनेस मूवमेंट "। इंसाफ़ अवेयरनेस मूवमेंट एक, ऐसी संस्था है जो पूरे भारत में ऐसे पुरुषों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहती है, जो महिलाओं द्वारा प्रताड़ित किये जाते  है। 

इंसाफ़ अवेयरनेस मूवमेंट ने पुरुषों के लिए एक रैली निकाली । इस रैली के ज़रिये इस संस्था ने पुरुषों को अत्याचारों से लड़ने के लिए जागरूक किया। इस रैली के ज़रिये उन्होंने सरकार के आगे मांग की है कि क़ानून एक तरफ़ नहीं होना चाहिए सब लोगों के लिए एक समान होना चाहिए वह चाहे पुरुष हो या औरत।        

आज पंजाब सरकार नौजवानों  को नशोंं से छुटकारा दिलाने के लिए ठोस क़दम उठा रही हैं लेकिन सरकार का इस तरफ़ कोई भी ध्यान नहीं है। जब एक औरत एक मर्द पर झूठा दहेज़ प्रताड़ना, बलात्कार या घरेलू हिंसा का केस करती है, तो युवा के सामने समाज में अपनी हुई बदनामी को झलने के लिए दो ही विकल्प सामने नज़र आते हैं,या तो युवा आत्महत्या करता हैं या वो नशो में पड़ जाता है। लेकिन इंसाफ़ अवेयरनेस मूवमेंट हर पुरुष का मनोबल बढ़ाने में जुट गई  है। इसी उद्देश्य से National Men’s Helpline Number भी जारी किया गया हैं। इस नंबर पर कॉल करके कोई भी इस संस्था के साथ जुड़ सकता हैं और मुफ़्त में मदद पा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने भी अपनी judgment Ramesh Kuma Vs State Of Bihar में माना है कि लड़कियां दहेज़ संबंधी  बनाये गए क़ानूनों का दुरुपयोग बहुत अधिक करती हैं। इसलिए इंसाफ़ अवेयरनेस मूवमेंट पुरुषों की परेशानियों को दूर करने के लिए पूर्ण रूप से प्रयासरत हैं।