उत्तराखंड: सड़क हादसों के कारण हाईकोर्ट हुई सख़्त, वाहन चलाते समय मोबाइल चलाना है मना

Last Updated: Jul 07 2018 16:36

उत्तराखंड में यातायात और परिवहन नियम तोड़ने वालों के लिए सरकार ने बहुत से नियम बनाए हैं। नैनीताल हाईकोर्ट ने सरकार को परिवहन विभाग और सुरक्षा एजेंसियों के कार्मिकों को मिलाकर 73 नए प्रवर्तन दल बनाने के आदेश दिए हैं। राज्य की सभी तहसील में प्रवर्तन दल को तैनात करने के आदेश दिए गए हैं। मौजूदा समय में 21 प्रवर्तन दल काम कर रहे हैं। नियम तोड़ने वालों के साथ ही ओवरलोडिंग को रोकने के लिए ख़ास क़दम उठाने को कहा गया है।

साथ ही वाहन चलाते समय मोबाइल से बात करना अब भारी पड़ेगा। हाईकोर्ट के निर्देश के अनुसार अब ऐसा करने पर मोबाइल ज़ब्त कर लिया जाएगा। इसे चौबीस घंटे के भीतर वाहन के वैध दस्तावेज़ दिखाने पर ही वापस किया जाएगा। पिछले दिनों धुमाकोट में हुए बस हादसे में 48 यात्रियों की मौत हो गई थी। 28 सीटर ओवरलोड बस में दस बच्चों के साथ 16 महिलाओं व 22 पुरुषों की मौत हो गई थी। इस दुर्घटना के बाद से सरकार ने प्रदेश में ओवरलोडिंग पर मुक़दमा करने का आदेश दे दिया है। इस घटना को ध्यान में रखकर वहाँ की सरकार ने मोबाइल चलाने पर रोक लगा दी हैं।