ज़ायके के साथ साथ पान में छिपे हैं कई औषधीय गुण

Last Updated: Jul 15 2019 19:18
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उत्तर भारत में पान काफी मशहूर है और लोक संस्कृति का हिस्सा भी रहा है। पान बनारस का हो या कानपूर का लोग शौक के तौर पर खाया करते हैं। स्वाद बदलने वाले पान और इसमें इस्तेमाल होने वाली इन वनस्पतियों में कई तरह के औषधीय गुण हैं, जिनके बारे में कम ही लोग जानते हैं।

पान के पत्ते का इस्तेमाल पूजा-पाठ और हवन में भी किया जाता है। पान भारतीय संस्कृति का हिस्सा होने साथ एक महत्वपूर्ण औषधि भी है। पान के पत्तों में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, कैल्शियम, फॉस्फोरस, लौह, आयोडीन और पोटैशियम जैसे तत्व भी पाए जाते हैं। सर्दी खांसी और जुकाम होने पर सेंकी हुई हल्दी का टुकड़ा पान में डालकर खाने से आराम मिलता है। उंगलियों में सूजन की शिकायत काफी लोगों को होती है, इसे कम करने के लिए पान के पत्तों को गर्म करके अंगुली पर लपेटने से लाभ मिलता है। 

खाने के बाद सौंफ खाना, पानी में सौंफ डालकर पीना या सौंफ वाली चाय पीना अगर आपको पसंद है तो आप अच्छे स्वास्थ्य की ओर अग्रसर हैं। सौंफ कॉपर, पोटैशियम, फॉस्फोरस, कैल्शियम, जिंक, मैंगनीज, आयरन, सेलेनियम और मैन्नीशियम जैसे मिनरल्स से भरपूर होता है। सौंफ को खाने से दिल की सेहत को कई तरह से फायदा हो सकता है, क्योंकि वे फाइबर से भरे होते हैं। फाइबर वो पोषक तत्व है जो उच्च कोलेस्ट्रॉल जैसे  हृदय रोग के जोखिम कारकों को कम करने में सहायक है।

पान के साथ इस्तेमाल की जाने वाली सुपारी के भी कई औषधीय फायदे हैं। सुपारी के छोटे-छोटे टुकड़े पानी में उबालें और जब पानी आधा रह जाए तो इसे छानकर पी लें, ऐसा सुबह-शाम रोजाना करने से आमाशय और आंतों की कमजोरी से होने वाले दस्त बंद हो जाते हैं। सुपारी के बारीक टुकड़ों को अच्छी तरह कुचल लिया जाए और हल्का सा भूनकर इसका चूर्ण बना लिया जाए और इससे मंजन किया जाए तो दांत दर्द में आराम मिलता है।