औद्योगिक इकाईयों को पांच रुपये यूनिट बिजली देने के प्रबंध मुकम्मल : राणा गुरजीत सिंह

Mahesh Kumar
Last Updated: Jan 12 2018 17:06

पंजाब के बिजली व सिंचाई मंत्री राणा गुरजीत सिंह ने एक जनवरी से औद्योगिक इकाइयों को पांच रुपये यूनिट बिजली देने के लिए प्रबंध पूरे कर लिए हैं। पांच रुपये यूनिट के हिसाब से व्यापारियों को बिल आने शुरू हो जाएंगे। सूबे की कैप्टन सरकार की ओर से औद्योगिक इकाइयों को संजीवनी देते हुए इस सरकारी आदेश से 748 करोड़ रुपये वहन करने के लिए पावरकॉम पूरी तरह से तैयार है। अब इसके लिए किसी खास नोटिफिकेशन की जरूरत नहीं होगी। मंत्री राणा गुरजीत सिंह ने कहा कि अब सूबे की औद्योगिक इकाइयों को प्रदेश से पलायन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

सस्ती बिजली मिलने से वह अब अपने व्यापार को और बढ़ा सकेंगे। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती अकाली-भाजपा सरकार की व्यापारी विरोधी नीतियों की वजह से पंजाब से व्यापारी दूसरे सूबों की ओर पलायन कर गए, लेकिन कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार ऐसा नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि अकाली-भाजपा की ओर से प्रदेश में बनाए गए विभिन्न आयोगों को बोगस बताकर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर विरोध जताना मंदभागा है, क्योंकि इन आयोगों से गठबंधन के 10 साल की कारगुजारी के चिट्ठे अब जनता के सामने आ रहे हैं, इसलिए अकाली-भाजपा इस तरह के पैंतरे अपना रही है।

दो सप्ताह में हाईकोर्ट की ओर से किसान कर्जा माफी के लिए अपनाई जा रही नीति बताने के आदेश के संदर्भ में राणा गुरजीत सिंह ने कहा कि सरकार किसानों का कर्जा माफ करने के लिए पूरी तरह से वचनबद्ध है, जहां तक कोर्ट में नीति को बताने की बात है, उसके लिए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ही योग्य कार्रवाई करेंगे। 1984 के केसों के लिए एसआईटी के गठन का सूबा मंत्री ने स्वागत करते हुए कहा कि उनका मानना है कि अगर एसआईटी को पूर्ण समय दिया जाए तो सच जरूर सामने आएगा और पीड़ितों को पूरा इंसाफ मिलेगा।